क्यों


क्यों हम तुम इतने दूर हैं
हैं थोड़े से, मगर मजबूर हैं
किस्मत पर किस का जोर चलता है,
दिल का तो न कोई कुसूर है
क्यों हम तुम इतने दूर हैं
वो पल याद आते हैं,
तेरे होठों के कमल याद आते हैं
बीते थे जो,
तेरे संग वो कल याद आते हैं
यादें उन पलों की मेरे ख़्वाबों में जरूर है
क्यों हम तुम इतने दूर हैं
वो तेरी बात याद आती हैं
वो मुलाक़ात याद आती हैं
बिछड़े थे जब हम,
वो चांदनी रात याद आती है
अब तो चाँद भी नशे में चूर है,
क्यों हम तुम इतने दूर हैं
दिल का तो न कोई कुसूर है
फिर क्यों हम तुम इतने दूर हैं
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तुम थे 3


लम्हे वो प्यार के जो जिए थे, वजह तुम थे
ख्वाब वो जन्नत के जो सजाये थे, वजह तुम थे
दिल का करार तुम थे,
रूह की पुकार तुम थे
मेरे जीने की वजह तुम थे
लबों पे हँसी थी जो , वजह तुम थे
आँखों में नमी थी जो, वजह तुम थे
रातों की नींद तुम थे,
दिन का चैन तुम थे
मांगी थी जो रब से वो दुआ तुम थे
मेरी दीवानगी तुम थे,
मेरी आवारगी तुम थे
बनाया मुझे शायर,
वो शायरी तुम थे
तुम थे तो हम थे,
मेरी जिंदगी तुम थे
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 तुम थे 2                      तुम थे 

 

 

तुझे पहचान लिया


देर से ही सही, ये सच मैंने जान लिया
ऐ जिंदगी मैंने तुझे पहचान लिया
देकर छीन लेने की तेरी आदत पुरानी है
कुछ मांगना नहीं तुझसे, ये भी अब ठान लिया
ऐ जिंदगी मैंने तुझे पहचान लिया
कहीं धुप कहीं छाया,
कुछ खोया कुछ पाया
क्या क्या तूने नहीं सीखाया !!
जो भी मिला तुझसे मैंने सब ज्ञान लिया
ऐ जिंदगी मैंने तुझे पहचान लिया
परिक्षा तू लेती रही,
फल मुझे देती रही
आदत ये भी है तेरी सही
हौसला भी तेरा मैंने मान लिया
देर से ही सही, ये सच मैंने जान लिया
ऐ जिंदगी मैंने तुझे पहचान लिया
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ख्वाबों की दुनिया

Happy International Day of Peace

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ख़्वाबों में जो देखि थी दुनिया,
वो दुनिया कितनी हसीन थी
शांति थी चारो ओर
खुशियां ही हर जगह बिखरी थी
न थे ये सीमायों के मसले,
न थे ये धर्मो के संकट,
मुस्कान हर चेहरे पर खिली थी
ख़्वाबों में जो देखि थी दुनिया
वो दुनिया कितनी हसीन थी
न थे ये शोर शराबे,
न थे ये खून खराबे,  
इंसानो के दिलो में इंसानियत दिखी थी
ख़्वाबों में जो देखि थी दुनिया
वो दुनिया कितने हसीन थी
मगर ये दुनिया !!
ये दुनिया हिन्दू-मुसलमान की,
ये दुनिया भारत-पाकिस्तान की,
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है !!
ये दुनिया तो न थी उन ख़्वाबों में
यहाँ तो हर रोज जवान मरते हैं,
यहाँ तो इंसान ही इंसानो से डरते हैं
न कभी उन ख़्वाबों के टूटने की उम्मीद थी
ख़्वाबों में जो देखि थी दुनिया,
वो दुनिया कितनी हसीन थी
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International Day of Peace
21 September

 

तो क्या !!


यूँ छिप छिप कर रोया नही करते,
ये अनमोल मोती यूँ खोया नही करते
कुछ ख्वाब टूट गए तो क्या !!
ख़्वाबों के मरने से, इंसान नही मरा करते
हो तेरा लक्ष्य, 
ज्यों विशाल वृक्ष्य
पतझड़ आये तो क्या !!
पत्तों के झड़ने से, वृक्ष नही झड़ा करते
ख़्वाबों के मरने से, इंसान नही मरा करते
मंजिल पर रख नजर,
यूँ बाज़ की तरह
राह भटके तो क्या !!
तुफानो के आने से, बाज़ नही डरा करते
ख़्वाबों के मरने से, इंसान नही मरा करते
रख हौसला,
यूँ आसमानो की तरह
काले बादल छाये तो क्या !!
बिजलियों के गिरने से, आसमान नही गिरा करते

यूँ छिप छिप कर रोया नही करते,
ख़्वाबों के मरने से, इंसान नही मरा करते
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चलते चलते


कुछ कदम तुम चलो
कुछ कदम हम चलें
चलते चलते ये रास्ते बन जाएंगे
क़दमों से फिर हमारे,
ये कारवां सज जाएंगे
कुछ कदम तुम चलो
कुछ कदम हम चलें
चलते चलते मंजिलें मिल जाएंगी
आहत से फिर हमारी,
रुत ये खिल जाएंगी
दिल न तोडना कभी
मुह न मोड़ना अभी
मुश्किलें लाखों आएँगी,
साथ न छोड़ना कभी
चलते चलते हम तुम पास आ जाएंगे
कुछ कदम तुम चलो
कुछ कदम हम चलें
चलते चलते ये फासले मिट जाएंगे
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वक़्त ही तो है


वक़्त ही तो है, कट जाएगा
रात है अभी, कल सवेरा हो जाएगा
दुःख का बादल छाया है जो
हवा तो चलने दे, वो भी छट जाएगा
वक़्त ही तो है, कट जाएगा
निराश क्यों होता है तू
आस क्यों खोता है तू
अंत नही शुरुवात है अभी
सब्र तो रख, जो होना है हो ही जाएगा
वक़्त ही तो है, कट जाएगा
हार क्यों मानता है तू
असलियत नही जानता है तू
खेल ये किस्मत का है
भाग्य पर रोता है क्यों,
एक दिन वो भी खुल जाएगा
रात है अभी, कल सवेरा हो जाएगा
वक़्त ही तो है, कट जाएगा
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एक जहाँ और भी है

There’s a world beyond the sky

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आसमां के उस पार एक जहाँ और भी है
मंजिल पर है तू मगर, एक राह और भी है
रुकता क्यों है तू अभी से,
तेरी एक चाह और भी है
आसमां के उस पार एक जहाँ और भी है
ख्वाब जो देखे थे तूने
सच वो सारे करदिए
पल वो सारे खुशिओं के
जीवन में अपने भर दिए
आंख क्यों खोलता है अभी से,
तेरा एक ख्वाब और भी है
आसमां के उस पार एक जहाँ और भी है
अंत नही है ये,
नई एक शुरुवात है ये
जीवन के सच से तेरी मुलाक़ात है ये
बैठता क्यों है तू अभी से,
नया एक लक्ष्य और भी है
मंजिल पर है तू मगर एक राह और भी है
आसमां के उस पार एक जहाँ और भी है
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फिर से सोच जरा

Think, Once Again!!

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क्यों भागता है तू, सबके ख़्वाबों के पीछे
तूने भी तो देखे थे कुछ ख्वाब, लक्ष्यों को खींचे
कहीं भटक तो नही गया तू, सबको खुश करने में?
या चुन लिए वो रास्ते जो सरल थे चलने में?

जरा पूछ खुदसे क्या यही थे ख्वाब तेरे !!

सबसे दूर है तू, केवल दौलत है पास तेरे?
रुक, ठहर, सोच जरा
ये दिन चिंताओं से क्यों है भरा
पा तो लिया सबकुछ तूने,
फिर भी क्यों है तू डरा डरा ? 
शायद नही यह राह वो मंजिल पाने की,
फिर से सोच जरा
फिर से सोच जरा
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Think, Once Again!!

Translation By:
Ritika Sinha 14470703_1254754097878862_1054506418_n
Why are you running at the rear of someone’s dream?
When hearty eyes of your’s had a strong goal scream!
In the cognizant of world’s glee, you cast away from your trance?
Else you walked for the smooth footpath chance!
Ask the vital soul within,
This is all, your desire’s craving?
Off from your roots and asset of beloved ones,
You discover only hanging bucks?
Freeze! Hold-Up And Think Again!
Why the daylight of your life is full of woe?
If, you have captured the barrel of this universe a more!
Why still, there is a breeze of terror inside?
Believably , this is not the roadway to your reverie!
Think again!
Think again

 

तुम थे 2


ज़िन्दगी यूँ तो न थी
तेरे आने से पहले
तेरे जाने के बाद
तुम थे तो ये शामें थी
जिसमे हम चाहत के पंख लगाए, 
आसमानो में उड़ते थे
दीवानगी यूँ तो न थी
तेरे आने से पहले
तेरे जाने के बाद
तुम थे तो ये यादें थी !!
जिसमे हम तुम खोए हुए,
ख्वाब सजाया करते थे
आवारगी यूँ तो न थी
तेरे आने से पहले
तेरे जाने के बाद
तुम थे तो ये रातें थी !!
जिसमे हम चांदनी में नहाये,
तारों की सैर किया करते थे
सादगी यूँ तो न थी
तेरे आने से पहले
तेरे जाने के बाद
तुम थे तो वो बातें थी !!
जिसमे में हम हस्ते हुए,
खो जाया करते थे
मैं यूँ तो न था
तेरे आने से पहले
तेरे जाने के बाद
20160913_142614